बिहार को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने की पुनः मांग की। Again demanded to provide special status to Bihar.

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने की पुनः मांग की। Again demanded to provide special status to Bihar.

 

देश में पहली बार बिहार में जाति आधारित गणना का काम कराया गया है। जाति आधारित गणना के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति के आंकड़ों के आधार पर अनुसूचित जाति के आरक्षण सीमा को 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षण की सीमा को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिये आरक्षण की सीमा को 18 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तथा पिछड़ा वर्ग के लिये आरक्षण की सीमा को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है अर्थात सामाजिक रूप से कमजोर तबकों के लिये आरक्षण सीमा को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर दिया गया है। सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिये 10 प्रतिशत आरक्षण पूर्ववत लागू रहेगा। अर्थात इन सभी वर्गो के लिए कुल आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 75 प्रतिशत कर दिया गया है।

For the first time in the country, caste based census has been done in Bihar. On the basis of social, economic and educational status data of caste based census, the reservation limit for Scheduled Castes has been increased from 16 percent to 20 percent, the reservation limit for Scheduled Tribes has been increased from 1 percent to 2 percent, reservation for extremely backward classes has been increased. The limit has been increased from 18 percent to 25 percent and the reservation limit for backward classes has been increased from 12 percent to 18 percent, that is, the reservation limit for socially weaker sections has been increased from 50 percent to 65 percent. 10 percent reservation for economically weaker people of general category will remain applicable as before. That is, the total reservation limit for all these categories has been increased to 75 percent.

जाति आधारित गणना में सभी वर्गों को मिलाकर बिहार में लगभग 94 लाख गरीब परिवार पाये गये हैं, उन सभी परिवार के एक सदस्य को रोजगार हेतु 2 लाख रूपये तक की राशि किश्तों में उपलब्ध करायी जायेगी।

In the caste based calculation, about 94 lakh poor families have been found in Bihar including all the categories, an amount of up to Rs 2 lakh will be provided in installments for employment to one member of each of those families.

 

63,850 आवासहीन एवं भूमिहीन परिवारों को जमीन क्रय के लिए दी जा रही 60 हजार रूपये की राशि की सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रूपये कर दिया गया है। साथ ही इन परिवारों को मकान बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रूपये दिये जायेंगे।

The limit of Rs 60 thousand being given to 63,850 houseless and landless families for purchasing land has been increased to Rs 1 lakh. Besides, these families will be given Rs 1 lakh 20 thousand to build houses.

जो 39 लाख परिवार झोपड़ियों में रह रहे हैं उन्हें भी पक्का मकान मुहैया कराया जायेगा जिसके लिए प्रति परिवार 1 लाख 20 हजार रूपये की दर से राशि उपलब्ध करायी जायेगी।

The 39 lakh families who are living in huts will also be provided permanent houses, for which an amount of Rs 1 lakh 20 thousand per family will be provided.

सतत् जीविकोपार्जन योजना के अन्तर्गत अत्यंत निर्धन परिवारों की सहायता के लिए अब 01 लाख रूपये के बदले 02 लाख रूपये दिये जायेंगे।

इन योजनाओं के क्रियान्वयन में लगभग 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपये की राशि व्यय होगी।

Under the Sustainable Livelihood Scheme, now Rs 2 lakh will be given instead of Rs 1 lakh to help extremely poor families.

An amount of approximately Rs 2 lakh 50 thousand crore will be spent in the implementation of these schemes.

इन कामों के लिये काफी बड़ी राशि की आवश्यकता होने के कारण इन्हें 5 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि केन्द्र सरकार द्वारा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाय तो हम इस काम को बहुत कम समय में ही पूरा कर लेंगे। हमलोग बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की माँग वर्ष 2010 से ही कर रहे हैं। इसके लिए 04 नवम्बर, 2012 को पटना के गाँधी मैदान में तथा 17 मार्च, 2013 को दिल्ली के रामलीला मैदान में बिहार को विशेष राज्य के दर्जे के लिए अधिकार रैली भी की थी

Since a huge amount of money is required for these works, a target has been set to complete them in 5 years. If Bihar gets the status of a special state by the Central Government, then we will complete this work in a very short time. We have been demanding to give special state status to Bihar since 2010. For this, a rights rally was also held for the special status of Bihar on 04 November 2012 at Gandhi Maidan in Patna and on 17 March 2013 at Ramlila Maidan in Delhi.

 

हमारी माँग पर तत्कालीन केन्द्र सरकार ने इसके लिए रघुराम राजन कमेटी भी बनाई थी जिसकी रिपोर्ट सितम्बर, 2013 में प्रकाशित हुई थी परन्तु उस समय भी तत्कालीन केन्द्र सरकार ने इसके बारे में कुछ नहीं किया। मई, 2017 में भी हमलोगों ने विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए केन्द्र सरकार को पत्र लिखा था। आज कैबिनेट की बैठक में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने हेतु केन्द्र सरकार से अनुरोध करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। मेरा अनुरोध है कि बिहार के लोगों के हित को ध्यान में रखते हुये केन्द्र सरकार बिहार को शीघ्र विशेष राज्य का दर्जा दे।

On our demand, the then Central Government had also formed the Raghuram Rajan Committee for this, the report of which was published in September 2013, but even at that time the then Central Government did not do anything about it. In May 2017 also, we had written a letter to the Central Government for granting the status of special state. Today in the cabinet meeting, a proposal has been passed to request the Central Government to give special state status to Bihar. My request is that keeping in mind the interest of the people of Bihar, the Central Government should immediately give special state status to Bihar.

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